EK SATH HUM

एक ना एक दिन ,हम खड़े होंगे |
सिर्फ अपने लिए नहीं,दूसरों के लिए||

दुनिया हमारे पीछे होगी ,और हम दुनिया के आगे।
लोग हमें देखेंगे और कहेंगे ,उनके पीछे चलो ये हमारे मार्ग दर्शक हैं।।

किसी को दूसरों के आगे, नहीं फैलाना होगा हाथ |
क्योंकि खड़े होंगे हम उनके साथ,न रोएगा कोई न रुलाएगा कोई||

क्योंकि होंगे हाथों में हाथ,दुनिया की राह बदल देंगे हम|
जब खड़े होंगे एक साथ हम ।|

मोहिनी निशा
ग्रामीण भारती सेवा संस्था

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