LAKSHAY KI BHUKH

अपना लक्ष्य पाने की भूख को कभी ना मिटने देंगे हम,
राहे मंजिल हंस कर चलेंगे बाधाएं आएं या कोई गम।

हिम्मत से डट कर सामना करंगे हम अपने हर भय का,
हर हाल लक्ष्य पाएंगे आत्मविश्वास ये अपने ह्रदय का।

वह सफलता भी क्या जिसमें ना हो संघर्षों भरा तराना,
गिर जाएं राहों में गर जानते हैं हम फिर से उठ जाना।

“सबमें एक विजेता है” बस खुद पर हम विश्वास रखें,
लक्ष्य पे निगाह हो हिम्मत , होंसला अपने पास रखें।

लक्ष्य से हम कभी ना भटकें लब पर ये अरदास रखें,
हार से ना घबराएं जीतने की दिल में हमेशा आस रखें|

कुछ कर गुजरने की हम अपने मन में ठानकर चलें,
कड़ी मेहनत से जीत हमारी ही होगी ये मानकर चलें।

समस्याएं बाधाएं तो आएंगी ये तो अनिर्वय कहानी है,
पर हर हाल लक्ष्य को पाना है ये दिल में हमने ठानी है।

उम्मीद की ना हो किरण हम बस चलने का वादा करें,
अपनी मेहनत से मंजिल पाएंगे बस हम ये इरादा करें।

ज़िन्दगी के तूफानों से टकराने को खुद को तैयार करें,
हम बहाने बनाना छोड़ मेहनत और भी ज्यादा करें।

अपने साहस से हम ढोते रहें अपनी उम्मीदों का भारा,
कठिनाइयों से हार हम जिमेदारियों से ना करें किनारा|

जीत होगी जब सकारात्मक होगी हमारी विचारधारा,
संघर्ष, मेहनत,लगन से पूरा होगा हर सपना हमारा।

  सुरेश कुमार महतो
( सदस्य ग्रामीण भारती सेवा संस्था)


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